10वीं में पढ़ती थी लड़की, अचानक हो गई डिलीवरी, गावँ वालों ने देखा तो पता चली ये सच्चाई

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आजकल आये दिन अख़बारों में कुकर्मो की फेरिस्त छपी रहती हैं की देखकर मन ही परेशान हो जाता है की ये सब हो क्या रहा है ? कैसे कोई सिर्फ अपनी हवस पूरी करने के लिए छोटी छोटी बच्चियों को अपना शिकार बनता है और ये सोचता भी नहीं की बाद में इस बच्ची का क्या होगा। अब तो ऐसा लगने लगा है जैसे अच्छे लोग रहे ही नहीं है क्यूंकि पाप और गलत काम जो रोज़ के बढ़ने लगे हैं। ऐसे गलत काम करने वाले ज़्यादातर कोई पास वाले ही होते हैं जो इन नाबालिग बच्चियों को अपना शिकार बनाते हैं और फिर डरा धमका कर उनको चुप करवाते हैं और सारी ज़िन्दगी के लिए ये लड़कियां फिर ज़िल्लत का शिकार होती हैं।

ऐसा ही एक घिनोना मामला

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आज हम आपको एक ऐसा ही गलत काम के बारे में बताने जा रहे हैं जो कही और नहीं बल्कि देश की रजधानी दिल्ली एक गाँव कंकर की है। जहाँ पहले तो लोगों को कचरे के स्थान पर से एक नवजात शिशु मिला जिसको देखकर सब हैरत में पड़ गए की ये बच्चा है किसका और कहाँ से आया है। उस मासूम की तो कोई गलती भी नहीं है लेकिन ना जाने क्यों पैदा होते ही उसको ये सब भोगना पड़ा।

आख़िरकार ढूंढा माँ को

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जब गाँव वासियों को नवजात के रोने की आवाज़ सुनाई दी तो वो कचरे के स्थान पर गए तो वहां बच्चा देखकर सब हैरान हो गए तभी उन्हें पास ही खून के छींटे दिखाई दिए जिसके पीछे चलते चलते वो लोग एक घर के बहार पहुंचे। उन्होंने अंदर जाकर उस बच्चे के बारे में पूछा तो पहले तो कोई भी उस बात को नहीं माना लेकिन गांव वालों के सख्ती से पेश आने पर उस बच्चे की माँ जो की खुद महज दसवीं क्लास में पढ़ती हैं डर के मारे बोल पड़ी की ये बच्चा उसी का है।

गांव में रहने वाला ही है बच्चे का पिता

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उस लड़की ने जब ये कबूल लिया की ये बच्चा उसी का है और घर पर ही उसकी डिलीवरी हुई है तब सभी ने बच्चे के बाप के बारे में पूछा तो उसने बताया की इसी गांव का रहने वाला आकाश निशाद है और वो उसके घर आया करता था, धीरे धीरे दोनों में प्यार हुआ और शारीरिक सम्बन्ध भी बने इसी बीच वो प्रेग्नेंट हो गयी और आकाश निशाद गाँव से भाग गया जिसकी तलाश बड़े ज़ोरो शोरो से की जा रही है।

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